जैसा कि हम जानते हैं, शांति के विपरीत शब्द युद्ध है लेकिन धर्म के दृष्टिकोण में, यह , अशांति, बेचैनी आदि हो सकती है। तो, शांति की परिभाषा विनाश से मुक्त है। धर्म के परिप्रेक्ष्य में शांति के बारे में बताना एक व्यापक अवधारणा है लेकिन में यहाँ वह सब लिखूंगा जितना की में बिभिन्न धर्म संबधित पुस्तकें पढ़के सीखा हूँ। सभी धर्म यह सिखाता है हमे शांति कहा से और कैसे मिलेगा। अलग-अलग धर्मो में मार्ग अलग होते हुए भी सबका उद्देश्य एक है और वह है मन का शांति (Peace of Mind ) कई धार्मिक पुस्तकों को पढ़ते हुए, मुझे पता है कि मन की शांति आम तौर पर आनंद और खुशी के साथ मिलती है। सामाजिक दृष्टिकोण से, शांति दुश्मनी और हिंसा के अभाव में सामाजिक मित्रता और ...
जैसे कि हम जानते हैं पूजा और प्रेम दो पवित्र शब्द है।जब भी हम इन दो शब्द के बारे में सोचते हैं तो हम रोमांचित हो जाते हैं और हमारा रोम-रोम आनंदित जाते हैं.और हमें शांति एवं ख़ुशी का अनुभव होता है तो क्यों ना आज इन दोनों शब्दों के बारे में बात करते हैं. एक बात बोलना यहां गलत नहीं होगा कि हम जिससे प्रेम करते हैं उन्हें ही, पूजा करते हैं. शायद इसीलिए प्रेम पुजारी जैसे शब्द का आविष्कार हुआ है। तो सबसे पहले मैं यहां प्रेम के बारे में ही लिखूंगा . प्रेम शब्द जैसे ही हमारे मन में आता है तो सबसे पहले हमारे दिमाग में सोहनी महिवाल, हीर रांझा, लैला मजनू आदि छबि हमारे मन मेंंं उतर जाता ,. या कभी-कभी हमारे ज...